Kisan Bill, 2020
कृषि बिल, 2020
Opinion: किसान बिल 2020, एक बिल जो 2020 में पास हुआ, वही 2020 जिस साल कई लोगो की ज़िन्दगी उजड़ गयी, वही साल जब लोगो को रोटी के लाले पड़ गए, और वही साल जिसने समाज के हर तब्के के लोगो को झंझोर कर रख दिया, क्या गरीब क्या अमीर ? हर कोई इस समय अपना रोना रो रहा है.
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| Farm Bill 2020 |
बात केवल अपने देश में ही लागू नहीं होती, इस महामारी ने पूरी दुनिया को ही Back-foot पर ला खड़ा किया है, अब तक दुनिया का सबसे ताक़तवर देश माना जाने वाला America भी इस से उभर नहीं पाया है और बुरी तरह प्रभावित हुआ है, तो वही दूसरे देशों की कहानी भी इससे ज्यादा कुछ जुदा नहीं है.
Lebanon की राजधानी Beirut में जो हुआ वो भी इसी साल के इतिहास में गिना जायेगा। पूरे Bollywood से लेकर Politics तक इस साल को अब तक का सबसे बुरा दौर (वक़्त) कह चुके है और इसको 'कलंक' कह कर सम्बोधित किया है.. वही ऐसे ही दौर में एक विधयक जो अब राष्ट्रपति की मोहर लगने के बाद कानून बन चुका है और उसको देश की जनता और किसानो के लिए लाया जाता है. जनता का क्या ? जनता तो वही देखती और सुनती है जो उसे आज के देश की Main_Stream_Media दिखाती है.. वैसे पूरी गलती मीडिया की भी नहीं कही जा सकती क्योंकि देश की जनता ने ही उनके द्वारा चलाये जाने वाले घटिया क़िस्म के कार्यक्रम को देखकर यह बताया है उसे क्या देखना पसंद है और News_Channels को क्या दिखाना चाहिए, इन सब चीज़ो ने उनके मनोबल को दो-गुना - तीन-गुना किया है और TRP की होड़ में आपस में प्रतिस्पर्धा (Competition) करा कर एक चुनौती (Challenge) खड़ी कर दी है कि कौन ज्यादा भद्दे प्रोग्राम जनता को परोस सकता है..
किसान बिल 2020 Summary:
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| MP Narendra Singh Tomar introduces Farm Bill 2020 in Lok Sabha |
बिल को 14 सितम्बर 2020 को Lok_Sabha में पेश किया कृषि अवं किसान कल्याण मंत्री Narendra_Singh_Tomar ने, और यहाँ से ये 17 सितम्बर 2020 को पास भी हो गया. फिर इस बिल को Upper_House राज्य_सभा से पास करा पाना मौजूदा सर्कार के लिए थोड़ाचुनौतीपूर्ण माना जा रहा था लेकिन किसी तरह धीमी आवाज़ में Voice_Voting के द्वारा 20 सितम्बर 2020 को पास करवा दिया गया, अब मात्र औपचारिकता निभाने हेतु इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है जहां तमाम विरोधो के बावजूद भी इस बिल को 27 सितम्बर 2020 की शाम को राष्ट्रपति द्वारा जनता और किसानों के लिए अमल में लाया जाता है और विधेयक को कानून का रूप दे दिया जाता है..
कृषि बिल, 2020 के आते ही पहले से बने सभी कानून Fail होते दिखाई दिए,
अलग अलग लोगो ने तरह तरह के मत दिए लेकिन जो निष्कर्ष के रूप में सामने आया वो ये था की पहले से बने हुए किसान हिट में कुछ अच्छे कानून का Murder कर दिया गया और कानून (Farmers Empowerment & Protection Agreement
of Price Assurance and Farm Services Ordinance, 2020) को इस बिल ने किनारे लगा दिया।
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| Huge protest seen by farmers in Punjab & Haryana |
देश के अनेक कोनो में भरी विरोध देखने को मिला, लेकिन सबसे भयावय तस्वीरें Haryana और Punjab से आयी जहा लोगो ने पुरजोर तरीके से इस विधेयक का विरोध किया, काफ़ी तोड़-फोड़ भी हुई, लोगो ने सड़क जाम, Rail जाम और तमाम गाड़ियों से पूरे सेहर का चक्का जाम कर दिया और एक दिन के लिए भारतबंद का एलान भी किया।
तो ऐसा था क्या Bill में ?
आसान भाषा में समझाए तो इस बिल में किसान को Contract_Farming (ठेके/समझौते पर किसानी करना) पर बल दिया गया है. जिसमे किसान Direct_Party से अनुबंध कर खेती - बाड़ी करने से पहले ही फसल की कीमतों को तय कर खेती कर सकेगा. लेकिन इसमें एक बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर किसी कारणवर्ष किसान की फसल बर्बाद हो जाती है और वो खरीददार को अपनी फसल नहीं दे पाता है तो इसका नुक्सान कौन झेलेगा ? इसी तरह के कुछ सवाल अनेक किसानो के लिए चिंता का सबब बनते जा रहे है.
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| अधिक्तर किसानों को मोबाइल चलना ही नहीं आता. |
दूसरी दिक्कत जो हमने अपनी Ground_Report में पता की वो ये की कई गरीब किसानों को Mobile चलाना ही नहीं आता और अधिकतर को तो यही नहीं पता कि Smart_Phone नामक यह बला आखिर हैं क्या ?





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