पत्रकारिता विश्वविद्यालय "MCU" ने आपदा को अवसर में बदला

कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में लम्बे समय तक लोग घरों में कैद रहे।सब कुछ बंद पड़ा रहा ,शिक्षण संस्थान तो अभी भी बन्द हैं ,लेकिन कहते हैं की आपदा को अवसर में बदल लेना चाहिए, जी हाँ कुछ ऐसा ही किया माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्विद्यालय में लॉकडाउन से लेकर अब तक लगातार ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से एक ओर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन व्यख्यान भी आयोजित किये जा रहे हैं


माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में राज्यपाल लालजी टंडन ने ‘शिक्षा, पत्रकारिता एवं जीवन मूल्य’ विषय पर  अपने विचार रखे और इसी के साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से 30 मई से 6 जून तक हिंदी पत्रकारिता सप्ताह के रूप में मनाया गया और विश्वविद्यालय के फेसबुक पेज पर सात दिन सात व्यख्यान का आयोजन किया गया जिसमे देश के जाने माने पत्रकारों ने अलग  अलग विषयों पर अपने विचार  रखे । वहीं अब एक और नई पहल विश्वविद्यालय की ओर से देखने को मिली है ,बात दें की 9 से 15 जून तक 'कुलपति संवाद' ऑनलाइन व्याख्यान माला का आयोजन किया जा रहा है । इस आयोजन में सात दिन तक विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति विभिन्न विषयों पर संवाद करेंगें ।




वर्चुअल न्यूज़रूम के जरिए प्रोडक्शन 

लॉकडाउन के बाद से ही जनसंचार विभाग के छात्रों ने अपना समय बर्बाद नही किया बल्कि वर्चुअल न्यूज़ रूम के जरिये प्रोडक्शन वर्क जारी रखा बतां दें की अभी तक छात्रों ने विभिन्न मुद्दों पर 100 से अधिक रिपोर्ट्स तैयार की हैं , इसके लिए बाकायदा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एक वर्चुअल न्यूज़रूम की स्थापना की गयी है , इस ग्रुप में प्रोडक्शन संबंधित जानकारियां आदान - प्रदान की जाती हैं। वर्चुअल न्यूज़ रूम के प्रभारी परेश उपाध्याय छात्रों को प्रोडक्शन और तकनीकी  कार्यों में सहयोग भी प्रदान करतें हैं ।


गौरतलब है की कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच ही विश्विद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद विश्वविद्यालय की कमान प्रो.संजय द्विवेदी को मिली और कार्यभार संभालते ही नवीन कुलपति संजय द्विवेदी आक्रामक अंदाज में नजर आये , पदभार ग्रहण करने के बाद ही राज्यपाल से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के  वर्तमान हालतों से परिचित कराया साथ ही बिसनखेडी में बन रहे नए कैंपस का निरीक्षण कर जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जिससे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर नया सत्र नए परिसर में शुरू किया जा सके । अनुमान लगाया जा रहा है की जुलाई अंत तक नया परिसर बनकर तैयार हो जाएगा , जबकि इस बार विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में भी परिवर्तन किया गया है जिसके तहत एंट्रेन्स की बजाय मेरिट बेसिस पर ग्रैजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन कोर्सेस में एडमिशन दिया जाएगा






Post a Comment

1 Comments